Positive Story Akbar And Birbal ईश्वर जो कुछ भी करता हैं वो अच्छा ही करता हैं




दोस्तों इस आर्टिकल में हम जानते हैं बीर-बल के एक अच्छे Positive Story के बारे मैं

और यह Positive Story Birbal की Story ईश्वर जो कुछ भी करता हैं वो अच्छा ही करता हैं

बीर-बल कोन था ? बीर-बल एक ईमानदार तथा धर्म-प्रिय व्यक्ति था, बीरबल प्रतिदिन ईश्वर की आराधना किया करता था,

और ईश्वर की आराधना करने से उनको नैतिक व मानसिक बल प्राप्त होता था,

बीरबल ने अक्सर कहा करता था कि, ईश्वर जो कुछ भी करता हैं वो हमारे अच्छे के लिए सभी के भले के लिए ही करता हैं, हमें कभी कभी ऐसा लगता हैं कि ईश्वर हम पर कृपादृष्टि नहीं रखता हैं, और जितना परेशानी हैं वो सारे हमारे लिए ही रखें हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं,

हम कभी-कभी तो ईश्वर की वरदान को भी शाप समझने की भूल कर बैठ ते हैं,

वह हम-को थोड़ी पीड़ा इसलिए देता हैं ताकि बड़ी पीड़ा से बच सकें,

एस तरह की बात बीरबल कहा करता था, लेकिन एक दरबारी को बीर-बल की ऐसी बातें पसंद नहीं आता था,

एक दिन वही दरबारी बादशाह के दरबार में बीर-बल को संबोधित करता हुआ बोला,

देखो, ईश्वर ने मेरे साथ क्या किए हैं कल शाम को जब मैं जानवरों के लिए चारा काट रहा था तो तब अचानक ही मेरे छोटी उंगली कट गई, बीरबल आप तो अक्सर कहा करते हों कि ईश्वर जो भी करता हैं वह अच्छा ही करता हैं तो आप अभी भी यही कहो-गे कि ईश्वर ने मेरे लिए यह अच्छा ही किया हैं ?

बीर-बल कुछ देर चुप रहने के बाद बोला, मेरा अब भी यही विश्वास हैं,

क्योंकि ईश्वर जो कुछ भी करता हैं सभी के लिए (मनुष्य) के भले के लिए ही करता हैं

यह बात सुनकर वह दरबारी नाराज हो गया कि मेरी तो उंगली कट गई और बीर-बल को इसमें भी अच्छाई नजर आ रही हैं

मेरी पीड़ा तो जैसे कुछ भी नहीं हैं कुछ अन्य दरबारियों ने भी उसके सुर में सुर मिलाया,

तभी बीच में हस्तक्षेप करते हुए बादशाह अकबर ने बोला,

बीर-बल हम भी अल्लाह पर (ईश्वर पर) भरोसा रखते हैं, लेकिन यहां तुम्हारी बात से सहमत नहीं हैं,


इस दरबारी के मामले में ऐसी कोई बात नहीं दिखाई देती जिसके लिए ईश्वर की तारीफ़ की जाएं

यह बात सुनकर बीर-बल मुस्कराते हुआ बोला, ठीक हैं जहांपनाह, समय ही बताए-गा अब कोन सेही हैं,

फिर इस बात को तीन महीने बीत चुके थे और वह दरबारी, जिसकी उंगली कट गई थी, घने जंगल में शिकार खेलने निकला हुआ था

एक हिरन का पीछा करते करते वह भटक कर आदिवासियों के हाथों में जा पड़ा,

और वो आदिवासी अपने देवता को प्रसन्न करने के लिए मानव बलि में विश्वास रखते थे,
अतः वो उस दरबारी को पकड़ कर मंदिर में ले गए, बलि चढ़ाने के लिए, लेकिन जब पुजारी ने उसके शरीर का निरीक्षण किया तो हाथ की एक उंगली कम पाई गई,

और आदिवासियों ने कहा कि नहीं, इस आदमी की बलि नहीं दी जा सकती हैं, मंदिर का पुजारी बोला,

यदि नौ उंगलियों वाले इस आदमी को बलि चढ़ा दिया गया तो हमारे देवता

बजाय प्रसन्न होने के क्रोधित हो जाएंगे, अधूरे बलि उन्हें पसंद नहीं हैं,

नहीं तो हमें महामारियों, बाढ़ या सूखे का प्रकोप झेलना पड़ सकता हैं इसलिए इसे छोड़ देना ही ठीक होगा

और उस दरबारी को मुक्त कर दिया गया ।

अगले ही दिन वह दरबारी दरबार में बीर-बल के पास आकर रोने लग गया

तभी बादशाह भी दरबार में आ गए थे और उस दरबारी को बीर-बल के सामने रोता देखकर हैरान रह गए

और अकबर ने दरबारी से सवाल किया के तुम्हें क्या हुआ, तुम रो क्यों रहे हो ?

जवाब में उस दरबारी ने अपनी बीती कहानी विस्तार से कह सुनाई,

और वह बोला, अब मुझे विश्वास हो गया हैं कि ईश्वर जो कुछ भी करता हैं,

वो हमारे लिए (मनुष्य के) भले के लिए ही करता हैं

यदि मेरी उंगली न कटी होती तो निश्चित तौर पर ही आदिवासी मेरी बलि चढ़ा देता, इसीलिए मैं रो रहा हूं,

लेकिन ये आंसू खुशी के आशु हैं, मैं खुश हूं, क्योंकि मैं जिन्दा हूं,

और में समझ चुका हूं बीर-बल के ईश्वर पर विश्वास को संदेह की दृष्टि से देखना मेरी भूल थी

बादशाह अकबर ने दिल ही दिल में मुस्कराते हुए दरबारियों की ओर देखा, जो सिर झुकाई हुए चुपचाप खड़े थे,

और अकबर को गर्व महसूस हो रहा था कि बीर-बल जैसा बुद्धिमान उसके दरबारियों में से एक हैं,

दोस्तों इस Positive Story से हमें यह बात सीख ने को मिलता हैं के हमें हमेशा ईश्वर पर अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए,

चाहे आज हमारे हालत कैसा भी हो हमें बस सेही तरह से अपना काम करते रहना चाहिए और ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए,

क्योंकि ईश्वर जो कुछ भी करता हैं वो हमारे अच्छा ही के लिए करता हैं, चाहे यह बात हमें अभी समझ में आए या ना आए,

लेकिन वक्त आने पर हमें समझ आते हैं के ईश्वर जो कुछ भी करता हैं वो अच्छा ही करता हैं


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